Yoga ,Jeewan Shakti ,Kundalini , Healing ,
ध्यान योग ब्लॉग

बहुत सोचता था की शायद दुनिया में मेरे जैसा कोई नहीं लेकिन वक़्त के साथ जैसे जैसे कारवां बढ़ता गया सोच मिलती गई और आनंदमयी जीवन की शुरुआत हुई ! हम हर बार ये सोचते रहते रह जाते हैं की शायद हमें समझने वाला कोई नहीं ! हम जिस राह पर हैं प्रभु की जो शरण पाना चाहते हैं उस राह में हमारा हमसफ़र कोई नहीं , लेकिन ऐसा नहीं है , वक़्त गुजरता है और वक़्त के साथ नाम बदल जाते हैं ! दुनिया में पहले भी न जाने कितनी ही पवित्र आत्माएं आई हैं और अपने जागरण के साथ साथ दैहिक रूप में अपने वातावरण को भी पवित्र किया है !
सबको वहीँ मिलना है मगर रास्ते सबके अलग हैं , जैसे एक पाँव का जूता आसानी से नहीं बैठता वैसे ही सबकी अपनी मुश्किलें हैं और सबमे वो शक्ति है जो उन्हें मुश्किलों का सामना करने की ताकत देती है , देर है तो बस ये समझने की ,कि पहला प्रयत्न और कर्म किस मुश्किल का सामना करने कि और जाता है !

Yoga Manimahesh Lake, Bharmour, Chamba Himachal Pradesh
Yoga

आभा तो सबकी है ! पंचतत्वों को ही अगर हम थोड़ा सा ध्यान लगा कर पहचाने तो उसका आभास आसानी से लगाया जा सकता है ! हर किसी के जीवन में सबमे एक कौंधती हुई तरंग मौजूद है जिसका एहसास अनायास ही हो जाता है ,कभी किसी डर के कारण या मौसमी वातावरण के कारण जो रीढ़ कि हड्डी से शुरू होकर सारे शरीर में दौड़ती है! वो शक्ति जो कहीं गहन निद्रा में है जीवन चक्र में खुद के होने का सबूत वक़्त बेवक़्त देती रहती है ! शब्दों में अगर समझा जाए तो कुण्डलिनी इसका मिलता जुलता रूप ही है !